“विचार”

यदि हम अपने जीवन से यह कहते रहेंगे कि मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मेरे पास बेहतर मकान होगा,मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मैरा नौकरी में प्रमोशन होगा , या मेरे पास ज़्यादा पैसा होगा या मैं सैर कर पाऊँगी , या मैं तब ख़ुश होऊँगी जब मेरा व्यापार अच्छा होगा, तो हमें चीज़ें कभी भी नहीं मिल पाएँगी क्योंकि अपने विचार प्रेम की कार्यवीधि की अवहेलना कर रहे हैं हम अपने आकर्षण की अवहेलना कर रहे हैं, सुखद चीज़ें पाने के लिए हमें पहले अपने आप को ख़ुश करना होगा पहले हमें ख़ुशी देनी होगी , उसके विपरीत काम कर के सफल होना होगा क्योंकि हम अपनी भावनाओं के सूत्रधार हैं हम अपने प्रेम के सूत्रधार है, हम जो भी देंगे , प्रेम की शक्ति कई गुना बढ़ा कर हमको लौटा देंगी,

If we keep saying to our life that We will be happy when We have a better house, We will be happy when We get promoted in a job, or We will have more money or We will be able to take a walk, or We will be happy when Our Business will be good, then we will never get things because our thoughts are disregarding the work of love, we are defying our attraction, get pleasant things. For we have to make ourselves happy first, first we have to give happiness, we will have to succeed by doing the opposite, because we are the creators of our feelings, we are the architects of our love, whatever we will give, the power of love has increased manifold. Taxes will be returned to us

Mithlesh Singhal (c)

“महसूस करना”

यदि हम अपने विचारों और भावनाओं से अपने जीवन का सर्जन कर रहे हैं तो जो भी सोचते है व

महसूस करते हैं उसी से हमारे जीवन की हर घटना, हर परिस्थिति, हर अनुभव का निर्माण होता है

यदि हम यह सोचते और महसूस करते हैं तो आज का दिन बहुत मुश्किल और तनाव पूर्ण होगा

यदि हम अपनी और ऐसे लोगों ,परिस्थितियों और घटनाओं को आकर्षित करेंगे, जिनकी वजह से

हमारा दिन सचमुच मुश्किल व तनाव पूर्ण बन गया और यदि हम यह सोचते हैं कि मेरा जीवन बेहतरीन व तनावरहित हो तो हम ऐसे लोगों,परिस्थितियों और घटनाओं को आकर्षित करेंगे, जो हमारे जीवन को सचमुच बेहतरीन बना देगा , यदि हम अपने बारे में सकारात्मक विचार रखते तो

तो हमारा जीवन बेहतरीन होता जाएगा,

To feel

If we are creating our life with our thoughts and feelings, then whoever thinks and

From that we feel that every event of our life, every situation, every experience is created

If we think and feel this day it will be very difficult and stressful

If we attract ourselves and such people, situations and events, because of which

Our day has become really difficult and stressful and if we think that my life is good and stressless then we will attract such people, circumstances and events, which will make our life really great, if we have positive thoughts about ourselves While keeping

Then our life will get better,

(C) Mithlesh Singhal

“कल्पना “

प्रेम की शक्ति हमको इतना कुछ दे सकती है,जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते,हम सब से

ऊँची और अच्छी चीज़ के सम्भव होने के बारे में सोच सकते हैं,प्रेम की शक्ति हमको उससे भी बहुत ऊँची और अच्छी चीज़ें दे सकती है, प्रेम के लिये कहीं कोई सीमा नहीं होती यदि हम अपने जीवन

के प्रति जीवंतता, ख़ुशी और जोश से भरपूर होना चाहते हैं,तो प्रेम की शक्ति हमको इतना स्वास्थ्य और इतनी ज़्यादा ख़ुशी प्रदान कर सकती हैं, जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की होगी,इस लिये मैं चाहती हूँ कि हम अपनी कल्पना की सीमाओं को तोड़ने का साहस करें और अपने जीवन को सीमित रखना छोड़ दें,और अपनी कल्पनाशीलता को तर्क की सीमा से बाहर ले जाए, और अपनी मनचाही चीज़ के सर्वश्रेष्ठ व सर्वोच्च स्वरूप की कल्पना करें ।

The power of love can give us so much, which we cannot even imagine, from all of us

You can think of the possibility of a higher and better thing, the power of love can give us much higher and better things than that, there is no limit to love if we are in our life

If you want to be full of vibrancy, happiness and enthusiasm, then the power of love can give us so much health and so much happiness, which we would never have imagined, that is why I want to push the boundaries of our imagination Take the courage to break and leave your life limited, and take your imagination beyond the limits of logic, and the best and highest nature of what you want When Mr. Fantasy.

(क) मिथलेशसिगल

“प्रेम की शक्ति”

मैं हर चीज़ और हर व्यक्ति में अच्छाई की तलाश करती हूँ मैं उन हर चीज़ के लिये कर्तज्ञ होती हूँ

और प्रेम देते समय मैं प्रेम की शक्ति को खुद पर हावी होते महसूस करती हूँ मैं स्वयं को इतने प्रेम और आनंद से सराबोर पातीं हूँ कि मेरी साँस ही थम सी जाती हैं ,जब हम हर मिलने वाली चीज़

के बदले में प्रेम देने की कोशिश करते हैं ,तब प्रेम की शक्ति हमको प्रेम में कई गुना कर देती हैं तब ओर कई गुना ज़्यादा प्रेम का एहसास होने लगता है , जीवन में एक बार अगर हमको इसका अनुभव हो गया तो हम दोबारा कभी पहले जैसे नहीं रहेंगे,

I look for the good in everything and every person, I am duty bound for everything

And while giving love, I feel the power of love dominating myself, I find myself so full of love and joy that my breath stops when we get everything

Let’s try to give love in return, then the power of love makes us manifold in love, and then many times more love starts to be felt, once in life, if we experience it, then we will never be like before Will not live

(C) Mithlesh Singhal

“प्रेम ही चरम शक्ति हैं”

हमें अपने जीवन में प्रेम की चरम शक्ति देखने के लिये हमको वैसे प्रेम करना होगा जैसा हमने पहले कभी नहीं किया होगा लेकिन

जितना भी प्रेम किया हो हम उस भावना को दोगुना करें,दस गुना करें, सौ गुना कर दें हज़ार गुना लाख गुना करदे क्यों कि हमारे अन्दर प्रेम को महसूस करने की अपार क्षमता है, हम जितना ज़्यादा प्रेम महसूस कर सकते हैं उसकी कोई ऊपरी सीमा या बंधन नहीं है और वह सब हमारे भीतर ही है

हमारा निर्माण प्रेम से हुआ है यह हमारे जीवन का और प्रकृति मूल तत्व है हम अपनी कल्पना से बहुत ज़्यादा प्रेम कर सकते है जो हमने पहले कभी नहीं किया होगा, यही प्रेम को पाने की या समझने की चरम शक्ति है।

To see the extreme power of love in our life, we have to love like we have never done before.

Whatever you have loved, we double that feeling, multiply ten times, make it a hundred times, a thousand times a million times, because we have immense ability to feel love, the higher the limit of love we can feel. Or there is no bond and that is all within us

We are created with love, it is the basic element of our life and we can love our imagination more than we would have ever done before, this is the extreme power to find or understand love.

(C)Mithlesh Singhal

“हमारी भावनाएँ ही ईश्वर है”

जब हम अपने एहसास व अपनी भावनाओं के बारे में ज़्यादा जागरूक होते हैं तो हम एक ऐसे मोड़ पर पहुँच जाते हैं जहां हम अपनी अच्छी भावनाओं में ज़रा सी भी कमी बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं हम अच्छा महसूस करने के इतना आदी हो जाते हैं कि हमें अपनी कमियों को तुरंत ही पहचान ने या जानने लग जाते है तथा हमें हर समय अपनी अच्छी भावनाएँ व ख़ुशी का एहसास बना रहता है क्योंकि हमारा जीवन बना ही अद्भुत है ये भावनाएँ ही ईश्वर है

When we are more aware of our feelings and our feelings, We reach the point where we are unable to tolerate even a slight decrease in our good feelings, we become so accustomed to feeling good that our shortcomings are immediately recognized or known and we get our good feelings all the time And the feeling of happiness remains because our life is amazing and these feelings are God

(C)Mithlesh Singhal

“माया”

सोचा नहीं कभी कुछ पाना किसने कितना क्या पाया है , जो भी मिला जिसको उसने

उतना ही पाया है , रास कभी भी किसी को नहीं आता खोया ज़्यादा पाया कम यह

यह याद सभी को रह जाता है, जो पाया है वह सुख है या दुख यह तो अभी

तक समझ भी नहीं आया , झूठा लगता है ये संसार ,झूठी ही है ये काया, भोगा सब कुछ

पर सारा व्यर्थ में ही गँवा दिया है, कभी भी नहीं सोचा क्या पाया और क्या खोया है ,

Never thought who ever got anything, how much, what he got, whatever he got

As much as it is found, Raas never comes to anyone;

Everyone remembers this, what they have found is happiness or sorrow

Did not even understand, this world seems to be false, this body is false, it suffers everything

But all is lost in vain, never thought what was found and what was lost,

(क) मिथलेशसिगल